
Election Insights: Data That Shapes Democracy





Election Insights: Data That Shapes Democracy






2014 से ग्रुप ने अपने कार्यों का दायरा बढ़ाया है, जिसमें सर्वे, रिसर्च के अलावा राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को लगातार सूचनाएं उपलब्ध कराना एवं नेताओं के व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने से जुड़े कार्य शामिल हैं
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राजेन्द्र द्विवेदी का जन्म 1960 में उत्तर प्रदेश के गोण्डा जनपद में एक किसान परिवार में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी गोण्डा में ही पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.ए. तथा विधि (कानून) की उपाधि प्राप्त की। छात्र जीवन से ही सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों में उनकी गहरी रुचि रही। पिछले 35 वर्षों से वे निरंतर मीडिया क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं और विकास संबंधी मुद्दों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया।
पंचायती राज एवं शहरी निकायों के 73वें एवं 74वें संवैधानिक संशोधनों के बाद पिछले ढाई दशकों में आए सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों पर उन्होंने विशेष अध्ययन किया और कई महत्वपूर्ण पुस्तकें प्रकाशित कीं। उन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक अमर उजाला के लखनऊ ब्यूरो से की। इसके बाद दो दशक से अधिक समय तक सहारा इंडिया परिवार के मीडिया विभाग से जुड़े रहे, जहाँ उन्होंने रिपोर्टर से लेकर संपादकीय और प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। हिंदी, उर्दू और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सभी क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। वे वॉयस ऑफ लखनऊ एवं कौमी ख़बरें के समूह संपादक भी रहे।
1989 से लगातार लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर मतदान के रुझानों और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों का अध्ययन करते रहे हैं। इस अनुभव के आधार पर उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं — यूपी की ताकत, आंकड़ों का लोकतंत्र, आंकड़ों की सत्ता, 1989 का इतिहास दोहराएगा 2019? लोकसभा चुनाव 2014, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 एवं विभिन्न राज्यों के चुनावों पर विश्लेषणात्मक पुस्तकें, पंचायती राज व्यवस्था के ढाई दशक, असंतुलित विकास एवं बढ़ती जनसंख्या : सबसे बड़ी समस्या आदि। वर्तमान में वे यूरीड मीडिया ग्रुप के चेयरमैन तथा मासिक पत्रिका द डाटा स्ट्रीट के प्रधान संपादक हैं। साथ ही कई सामाजिक संगठनों से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।