यूरीड मीडिया- मेरठ, आगरा, अलीगढ़ मंडल में नए कमिश्नर बनाए गए। मथुरा, बुलंदशहर, लखनऊ, अलीगढ़, प्रतापगढ़, बिजनौर, कानपुर, बागपत, बांदा, गाजियाबाद, मेरठ, फर्रुखाबाद, बाराबंकी और सुल्तानपुर के डीएम बदले गए।
लखनऊ डीएम सूर्यपाल सिंह गंगवार की 5 साल बाद फिर सीएम ऑफिस में एंट्री हो गई। सूर्यपाल गंगवार और कानपुर डीएम राकेश कुमार सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है।
सूर्यपाल गंगवार की जगह अलीगढ़ डीएम विशाख जी और राकेश कुमार की जगह बागपत डीएम जितेंद्र सिंह को तैनात किया गया है। सुहास एलवाई से महानिदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल का कार्यभार वापस ले लिया है। अब उनके पास सिर्फ सचिव खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग का प्रभार रहेगा।
क्यों इतनी बड़ी संख्या में IAS का तबादला हुआ?
1 जनवरी को 2009 बैच के 38 आईएएस अफसरों को विशेष सचिव और जिलाधिकारी स्तर से सचिव स्तर पर प्रमोशन हुआ था। इनमें 18 अफसर सीधे IAS थे, जबकि 20 अफसर PCS से प्रमोट होकर IAS बने। इनमें से कुछ अफसरों को 2 और 7 जनवरी को जारी तबादला सूची में सचिव या उसके समकक्ष पद पर पोस्टिंग दी गई थी।
विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची के पुनर्निरीक्षण के चलते निर्वाचन आयोग ने डीएम के तबादले पर रोक लगा रखी थी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद अब 14 जिलों के डीएम बदले गए। जो डीएम बदले गए हैं, उनमें से अधिकांश प्रमोशन के बाद सचिव पद पर पदोन्नत हुए हैं।
ट्रांसफर में सीएम के भरोसेमंद एसपी गोयल की चली
बताया जा रहा है कि IAS की इस ट्रांसफर लिस्ट में सीएम योगी के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल की चली है। अधिकांश अफसर गोयल की पसंद से ही डीएम और कमिश्नर बने हैं। गोयल की पसंद से ही सूर्यपाल गंगवार को एक बार फिर सीएम ऑफिस में एंट्री मिली। गंगवार पहले भी सीएम के विशेष सचिव रह चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव मनोज सिंह के रिटायरमेंट के बाद एसपी गोयल यूपी के मुख्य सचिव बन सकते हैं। ऐसे में अभी से गोयल की पसंद से अफसरों की पोस्टिंग की जा रही है।
सूर्यपाल गंगवार और राकेश कुमार की पोस्टिंग ने चौंकाया
इस लिस्ट में लखनऊ डीएम सूर्यपाल गंगवार और कानपुर डीएम राकेश कुमार सिंह की पोस्टिंग ने चौंकाया। सूर्यपाल गंगवार के पिता के नाम से जमीन का एक बड़ा मामला सामने आया था। वहीं, कानपुर में राकेश कुमार सिंह के डीएम आवास के कम्पाउंड में महिला की लाश गाड़ी गई थी। इसके बाद ऐसा लग रहा था कि दोनों को साइड पोस्टिंग दी जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री के सचिव जैसी अहम पोस्टिंग मिली है।
एक अफसर का 15 दिन में 3 बार ट्रांसफर
31 ट्रांसफर की इस लिस्ट में नरेंद्र प्रसाद पांडेय का नाम भी है। 15 दिन में उनका 3 बार ट्रांसफर किया जा चुका है। 1 जनवरी को 2009 बैच के आईएएस अफसरों को विशेष सचिव से सचिव पद पर प्रोन्नति दी।
2 जनवरी को नरेंद्र प्रसाद पांडेय को कृषि उत्पादन आयुक्त के विशेष सचिव से सचिव ग्राम विकास बनाया। लेकिन ग्राम विकास विभाग में उन्हें जॉइन नहीं करने दिया गया।
7 जनवरी को फिर एक तबादला सूची में उनका ट्रांसफर सचिव नियोजन, महानिदेशक अर्थ एवं संख्या के पद पर किया। लेकिन विभाग के प्रमुख सचिव ने शासन में बात कर किसी अन्य अफसर को सचिव लगाने का आग्रह किया। अब नरेंद्र प्रसाद को वहां से हटाकर राजस्व परिषद में सचिव बनाया गया है।
नरेंद्र पांडेय को पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था। उन पर एक महिला से अभद्रता करने का आरोप लगा था। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने उन्हें निलंबित करने की सिफारिश राज्य सरकार से की थी। उसके बाद से वह राजस्व मंडल और कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा में ही तैनात रहे।
विशाख जी क्यों बनाए गए लखनऊ के डीएम?
लखनऊ के नए डीएम विशाख जी अय्यर केरल के रहने वाले हैं। 2011 बैच के अफसर हैं। इन्हें सीएम योगी का करीबी माना जाता है। विशाख जी को प्रशासनिक मामलों में तेज निर्णय और बेहतर समन्वय के लिए जाना जाता है। कानपुर में दो बार डीएम रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक सुधार और बेहतर प्रबंधन के कई उदाहरण पेश किए। तेजतर्रार कार्यशैली के चलते विशाख जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
महिला अफसरों को मिली फील्ड पोस्टिंग
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की एसीईओ श्रुति का ट्रांसफर जिलाधिकारी बुलंदशहर के पद पर किया है। मेरठ मंडल की उपायुक्त जसजीत कौर का ट्रांसफर जिलाधिकारी बिजनौर के पद पर किया है। अस्मिता लाल का ट्रांसफर एसीईओ उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण से जिलाधिकारी बागपत के पद पर किया है। जे रिभा का ट्रांसफर अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक का ट्रांसफर कर जिलाधिकारी बांदा नियुक्त किया है।





