देश और दुनिया में बढ़ते तकनीकी युग ने प्रिंट मीडिया को काफी पीछे छोड़ दिया है। आज इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से पूरी दुनिया छोटी लग रही है। किसी विषय में जानकारी करने के लिए इंटरनेट से एक क्लिक पर मिल जा रही है। मोबाइल से लेकर कम्प्यूटर तक के उपयोग में क्रांति आ गई है। मजदूर से लेकर देश के प्रथम नागरिक के हाथों में मोबाइल आज आवश्यकता बन गई है।
यह सब सकारात्मक पहलू सुबह से लेकर शाम तक टीवी चैनल और सोशल मीडिया एक ही विषय पर अपने अपने तरीके से आकड़ों का विश्लेषण करते हैं। परिवार में बैठे बैठ अलग-अलग सदस्य बातचीत से ज्यादा मोबाइल का उपयोग करते दिखते हैं। इन सब सकारात्मकता के साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का नकारात्मक गंभीर पहलू है। आकड़ों को लेकर तथ्यात्मक जानकारी न होने के कारण काफी असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। इन तमाम विसंगतियों को देखते हुये पूरीड मीडिया ग्रुप ‘द डाटा स्ट्रीट’ नामक मासिक पत्रिका की शुरुआत की है जिसका दूसरा अंक प्रकाशित हो रहा है। प्रयास यह है कि आकड़ों की तथ्यात्मक जानकारी आप सभी तक पहुंचे और जैसे पूर्व में सहयोग मिलता रहा है, वैसे आगे भी मिलता रहे।





