लोकसभा चुनाव 2024: पहले चरण का विश्लेषण

लोकसभा चुनाव 2024: चरणवार विश्लेषण

प्रथम चरण-

प्रथम चरण में 19 अप्रैल को 21 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश की 102 सीटों पर मतदान हुआ। मतदान 2019 की तुलना में 7 लोकसभा सीटों को छोड़कर बाकि सब जगह कम हुआ है।

इन 102 सीटों में 2019 चुनाव में 40 सीटें भाजपा, 15 सीटें कांग्रेस, डीएमके को 24 सीटें, बीएसपी को 3, एलजेपी, सपा, सीपीएम, सीपीआई 2-2 सीटें और शिवसेना, जेडी(यू), एनसीपी, आईयूएमएल तथा एनपीएफ, एनपीपी, एमएनएफ, एनडीपीपी, आरएलटीपी, एसकेएम वीसीके को 1 सिट मिली थी।

  • पहले चरण में अरुणाचल प्रदेश,मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, उत्तराखंड, अंडमान एंड निकोबार, लक्षद्वीप,तमिलनाडु और पुडुचेरी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव संपन्न हुआ
  • राजस्थान में दो चरण में चुनाव होंगे।
  • असम, छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव होंगे।
  • मध्य प्रदेश में चार चरणों में चुनाव संपन्न होंगे।
  • महाराष्ट्र और जम्मू कश्मीर में पांच चरणों में चुनाव होंगे।
  • उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में 7 चरणों में चुनाव होंगे।

19 अप्रैल प्रथम चरण में संपन्न हुए राज्यों सीटों का विश्लेषण-

अरुणाचल प्रदेश- अरुणाचल प्रदेश की दोनों लोकसभा सीटों (अरुणाचल वेस्ट, अरुणाचल ईस्ट) पर 2019 की तुलना में मतदान का प्रतिशत गिरा है। अरुणाचल ईस्ट में तो 15% तक मतदान कम हुआ। 2019 में अरुणाचल वेस्ट से भाजपा के किरेन रिजिजू और अरुणाचल ईस्ट से भाजपा के ही तपीर गाओ जीते थे। इस बार भाजपा ने इन्हीं दोनों को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने अरुणाचल वेस्ट से नबाम तुकी और अरुणाचल ईस्ट से बोसिराम सिराम को अपना उम्मीदवार बनाया है।

मणिपुर-मणिपुर की दोनों सीटों पर चुनाव हो चुके हैं। दोनों ही सीटों पर २०१९ की तुलना में मतदान का प्रतिशत घटा है। इनर मणिपुर में 4 तथा आउटर मणिपुर में 18% तक कम मतदान हुआ है. यहाँ भाजपा और एनपीएफ का गठबंधन है। २०१९ के चुनाव में 1-1 सीट भाजपा और एनपीएफ ने जीती थी। इस बार दोनों ही पार्टी ने अपने उम्मीदवार बदल दिए है। भाजपा ने थौनाओजम बसंत कुमार सिंह को टिकट दिया है तो एनपीएफ ने कचुई टिमोथी ज़िमिक को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने इनर मणिपुर से अंगोमचा बिमोल अकोइजम और आउटर मणिपुर से अल्फ्रेड कान-नगम आर्थर को अपना प्रत्याशी बनाया है।

मेघालय– मेघालय की भी दोनों सीटों का चुनाव संपन्न हो चुका है। यहाँ २०१९ के चुनाव में एक सीट कांग्रेस तो एक सीट एनपी पी ने जीती थी। मतदान प्रतिशत यहाँ भी अन्य राज्यों की तरह कम ही हुआ है . कांग्रेस ने तुरा (एसटी) सीट से अपने उम्मीदवार बदल दिया है ।

चुनाव क्षेत्र
इंडिया एन डी ए अन्य
1 शिलांग (एसटी) कांग्रेस विंसेंट पाला एनपीपी अम्पारीन लिंग्दोह यूडीपी रोबर्टजुन खारजाह्रिन
वीपीपी रिकी ए जे सिंग्कोन
2 तुरा (एसटी) कांग्रेस सालेंग ए संगमा एनपीपी अगाथा संगमा एआईटीसी जेनिथ संगमा

मिजोरम– मिजोरम में लोकसभा की एक ही सीट है. 2019 में यह सीट एमएनएफ ने जीती थी। यहाँ पर २०१९ की तुलना में कम मतदान हुआ है।

चुनाव क्षेत्र
एमएनएफ ज़ेडपीएम इंडिया एन डी ए अन्य
1 मिजोरम एमएनएफ के. वनलालवेना ज़ेडपीएम रिचर्ड वानलालहमंगइहा कांग्रेस लालबियाकज़मा बी जे पी वन्हलालमुअका एमपीसी रीता मालसावमी

नागालैंड- नागालैंड में एक संसदीय सीट है। २०१९ के चुनाव में यहाँ से एनडीपीपी ने जीत दर्ज की थी। २०१९ में यहाँ 82.91% वोट डाले गये थे जबकि इस बार मात्र 56.91% ही वोट पड़े। एनडीए ने चुम्बेन मुरी को अपना उम्मीदवार बनाया है वहीँ कांग्रेस ने एस सुपोंगमेरेन जमीर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

सिक्किम- सिक्किम में लहभग २०१९ के बराबर वोटिंग हुई है . २०१९ में यहाँ SKM ने सीट दर्ज की थी।

चुनाव क्षेत्र
एसकेएम एसडीएफ बी जे पी इंडिया
1. सिक्किम एसकेएम इंद्रा सुब्बा को फाँसी दो एसडीएफ प्रेम दास राय बी जे पी दिनेश चंद्र नेपाल कांग्रेस गोपाल छेत्री

उत्तराखंड- लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान संपन्न हो गया। उत्तराखंड में कुल 55 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल, गढ़वाल, हरिद्वार, अल्मोड़ा, नैनीताल-ऊधम सिंह नगर लोकसभा सीटें हैं। यहाँ पर 54.08 प्रतिशत मतदान हुआ  हरिद्वार लोस सीट पर भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत और कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र रावत अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। दोनों ही उम्मीदवारों के अपनी जीत के पक्ष में अपने-अपने तर्क हैं। पछले तीन चुनावों में पहली बार टिहरी लोकसभा में मतदान प्रतिशत गिर गया। 2019 के मुकाबले मतदान प्रतिशत में 5.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस लोकसभा में वर्तमान में 14 में से 11 विधानसभा सीटों पर भाजपा, दो पर कांग्रेस और एक पर निर्दलीय विधायक हैं। नैनीताल-ऊधम सिंह नगर लोकसभा सीट पर इस बार 7.57 प्रतिशत तक मतदान घट गया है। मतदान में आई इस गिरावट ने सभी प्रत्याशियों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। ऐसा इसलिए कि 2009 के बाद इसी सीट पर मतदान प्रतिशत ने 9.73 प्रतिशत की छलांग लगाई थी। 2009 में 58.69 प्रतिशत वोट पड़े थे। 2014 में प्रचंड मोदी लहर में यह बढ़कर 68.41 प्रतिशत हो गए और 2019 में यह मतदान प्रतिशत 68.92 तक रहा, लेकिन 2024 के चुनाव में यह घटकर 61.35 प्रतिशत रह गया। पांचों लोस सीटों में सबसे कम मतदान अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर हुआ है। पिछले चुनाव की तुलना में इस सीट पर 4.88 प्रतिशत मतदान कम हुआ। 2009 में इस सीट पर 45.86 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2014 में प्रचंड मोदी लहर के बावजूद यहां 52.41 फीसदी ही वोट पड़े और 2019 में 51.82 मतदान प्रतिशत रहा। इस बार यह 46.94 प्रतिशत पर आकर अटक गया। इस लोस क्षेत्र में अल्मोड़ा विस सीट पर गत चुनाव की तुलना में सबसे अधिक 10.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली गढ़वाल लोकसभा सीट पर लगातार दूसरे चुनाव में मतदान प्रतिशत की गिरावट जारी है। यह सीट पिछले 10 साल से बीजेपी के पास है। वर्तमान में इस लोकसभा की 14 में से 13 सीटें भी भाजपा के पास हैं, जबकि 14वीं बदरीनाथ विधानसभा के कांग्रेस विधायक भी चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।

अंडमान एंड निकोबार- पहली बार शोंपेन जनजाति के कुल 7 लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। पहले हमने उन्हें EVM और VVPAT के बारे में ट्रेनिंग दी। यह देखकर अच्छा लगा कि वे जंगल से बाहर आए और पहली बार उन्होंने वोटिंग में हिस्सा लिया। 2019 में हुए लोकसभा चुनावों पर नजर दौड़ाएं तो इस सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार कुलदीप राय शर्मा ने जीत हासिल की थी. इस चुनाव में कुलदीप यादव को 95,308 वोट हासिल हुए थे जबकि बीजेपी के विशाल जॉली को 93,901 वोट हासिल हुए थे। यहाँ लोकसभा की एक ही सीट है।

लक्षद्वीप-लक्षद्वीप लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के पूरे क्षेत्र को कवर करता है। यह मतदाताओं की संख्या के हिसाब से सबसे छोटा लोकसभा क्षेत्र है। 1967 तक इसके संसद सदस्य को सीधे राष्ट्रपति नियुक्त करते थे। बाद में मतदान प्रक्रिया शुरू की गई। यह क्षेत्र अरब सागर में स्थित एक भारतीय द्वीप-समूह है। समस्त केन्द्र शासित प्रदेशों में लक्षद्वीप सबसे छोटा है। यह क्षेत्र प्राचीनकाल में ज्वालामुखी विस्फोट से निकले लावा से बना था। लक्षद्वीप द्वीप-समूह में कुल 36 द्वीप हैं। इनमें से सात द्वीपों पर जनजीवन है। देशी पयर्टकों को 6 द्वीपों पर जाने की अनुमति है जबकि विदेशी पयर्टकों को केवल 2 द्वीपों पर जाने की अनुमति है। यह क्षेत्र समुद्र और वनों से घिरा होने के कारण बेहद मनोरम जगह है। यहां के बीच पर्यटकों का मन मोह लेते हैं।

तमिलनाडु-तमिलनाडु में शुक्रवार को एक ही चरण में सभी 39 लोकसभा सीट के लिए हुए मतदान में 72.09 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया मुकाबला मोटे तौर पर त्रिकोणीय है जिसमें सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) द्रमुक, ऑल इंडिया अन्ना मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और भाजपा अपने-अपने गठबंधनों का नेतृत्व कर रहे हैं. उत्तरी तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में सबसे अधिक 75.67 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि चेन्नई मध्य सीट पर सबसे कम 67.35 प्रतिशत. इस सीट पर द्रमुक के दयानिधि मारन, भाजपा के विनोज पी सेल्वम और अन्नाद्रमुक के सहयोगी डीएमडीके के पार्थसारथी प्रमुख उम्मीदवार हैं. कोयंबटूर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को द्रमुक के गणपति राजकुमार, अन्नाद्रमुक के सिंगाई जी रामचंद्रन और नाम तमिलर काची (एनटीके) के कलामणि जगनाथन से तीन-तरफा चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. यहां पर 71.17 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.

पुडुचेरी-भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के वी. वैथिलिंगम लोकसभा में केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के निवर्तमान लोकसभा प्रतिनिधि हैं। 2019 में, उन्होंने 56.27 प्रतिशत (444,981) वोटों और 1,97,025 वोटों के अंतर से चुनाव जीता। यहाँ पर भी 2019 की तुलना में कम वोट पड़े है।